27 फ़रवरी है 59 राम भक्तों का श्रद्धांजलि दिवस, कुछ याद है हिन्दुओं?

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कोई भी हिंदुस्तानी गोधरा की उस हृदयविदारक घटना को कैसे भूल सकता है, जिसमें 59 हिंदुओं को जिंदा जला कर मार दिया गया था? मरने वाले इन हिंदुओं में 25 महिलाएं, 19 पुरुष और 15 बच्चे शामिल थे। इन हिंदुओं का दोष केवल इतना था कि यह लोग राममंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में आयोजित पूर्णाहूति महायज्ञ में भाग लेकर अपने घर लौट रहे थे। वैसे जब भी 2002 के गुजरात दंगे की बात होती है तो भारतीय मीडिया गोधरा की बात नहीं करती। वो ऐसा व्यवहार करती है जैसे कि गोधरा में कुछ हुआ ही नहीं था!

गोधरा में जलाए गए रामभक्तों को मीडिया ने कभी हिंदू नहीं लिखा, बल्कि कारसेवक या विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोग ही लिखती रही, लेकिन इसकी परिणति में गुजरात में जो दंगा भड़का उसमें मरने वालों के लिए यही मीडिया मुसलमानों का नरसंहार जैसे सांप्रदायिक शब्दों का लगातार प्रयोग करती रही। हालांकि जांच रिपोर्टों और अदालती फैसले से यह स्पष्ट हो चुका है कि गुजरात दंगा नरसंहार नहीं था, क्योंकि दंगा में मरने वालों में 30 फीसदी हिंदू भी शामिल थे।

गुजरात हाईकोर्ट द्वारा गठित नानावती कमीशन ने गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस जलाए जाने की घटना को ‘पूर्व नियोजित साजिश’ और ‘मुसलमान भीड़’ द्वारा ट्रेन पर हमला जैसे शब्द का प्रयोग किया तो कांग्रेस ने न केवल मीडिया के मार्फत इस सच्चाई को दबाने की कोशिश की, बल्कि नानावती कमीशन की रिपोर्ट को गुजरात विधानसभा में पेश करने में भी व्यवधान उत्पन्न किया।

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यही नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यूपीए-एक में तत्कालीन रेलमंत्री लालू यादव ने तो गोधरा नरसंहार में शामिल कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को बचाने और ‘मुस्लिम वोट बैंक’ के लिए ‘बनर्जी कमेटी’ का गठन कर दिया। इस कमेटी का मकसद सिर्फ इतना था कि गोधरा में जलाए गए साबरमती एक्सप्रेस की घटना को एक दुर्घटना बता दिया जाए और इसमें संलिप्त स्थानीय मुसलिम समुदाय के जेहादियों व कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पूरी तरह से बचा लिया जाए। बनर्जी कमेटी ने इस आशय की रिपोर्ट भी दी, जिसका कुल निष्कर्ष यह था कि साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 बोगी के अंदर से ही आग लगने की घटना हुई। यानी 59 रामभक्तों ने खुद को ही आग लगाकर एक तरह से सामूहिक आत्मदाह कर लिया! हिंदू समाज के लिए इससे बड़ी नृशंसतापूर्ण रिपोर्ट और उनके वजूद को मिटाने की बात और क्या हो सकती है?

हिन्दू समाज इन 59 रामभक्तों को भूल चूका है, खैर hawkfeed नहीं भूला और न ही भूलने देगा. हम इन 59 रामभक्तों को श्रधांजलि दिवस पर दुखी ह्रदय से इन सभी को श्रधांजलि देते हैं. जय श्री राम! राम इनकी आत्मा को शान्ति दे.

Note: हम आपसे केवल शेयर की याचना करते हैं, क्यूंकि आज के दिन क्या हुआ लोग तो ये भूल चुके हैं, और न ही कोई मीडिया आपको याद दिलाएगा, आपको शेयर करना चाहिए.

अगले पेज पर विडियो देखिये: गोधरा काण्ड की सच्चाई जानिये. क्या हुआ था 27 फरवरी को???

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