ट्रम्प के इस नए कानून से नाराज़ रविशंकर प्रसाद बोले भारतीयों के बिना अमेरिका हो जायेगा भिखमंग…

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अमेरिका में एच-1बी वीजा के नियमों को कड़ा करने के संकेतों के बीच शुक्रवार को देश के तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने इस मुद्दे को उठाया है। इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत की ओर से इस विषय को ट्रंप प्रशासन के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय अमेरिकियों की नौकरियां नहीं चुरा रहे हैं, बल्कि सृजन कर रहे हैं। मोदी सरकार के मंत्री ने कहा, ‘हमने अपनी चिंताओं को अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष स्तर के समक्ष उठाया है। मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी प्रशासन इस बात को समझेगा कि भारतीय कंपनियां वहां नौकरियां छीन नहीं रही हैं। भारतीय कंपनियां एक बेहतर अमेरिका और भारत के निर्माण में योगदान दे रही हैं।’

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मंत्री ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियां दुनिया के 80 देशों के 200 शहरों में काम कर रही हैं। खासतौर पर अमेरिका में ही भारतीय कंपनियों ने बीते 5 साल में टैक्स के तौर पर 20 अरब डॉलर की राशि अदा की है। उन्होंने कहा, ‘इन कंपनियों ने अमेरिका में 4 लाख लोगों को नौकरी दी है। इन्होंने 500 फॉर्च्यून कंपनियों में से 75 पर्सेंट में वैल्यू अडिशन का काम किया है। भारतीय कंपनियां अमेरिका के लिए असेट्स की तरह हैं।’

उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मानना है कि हमारे टेक्निकल प्रफेशनल्स ने अमेरिकी इकॉनमी को प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद की है। भारत में डिजिटल क्रांति को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के जरिए देश में डिजिटल गैप को कम करने के प्रयास में जुटी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया का प्रयास गरीब तबके के लोगों के लिए है।

source- http://navbharattimes.indiatimes.com/business/business-news/ravi-shankar-prasad-joins-h1-b-debate-says-indians-dont-steal-jobs-in-us/articleshow/57689747.cms

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