जैसे ही इन मुसलमानों ने नमाज़ पढ़ने के लिए सिर झुकाया कि तभी हुआ कुछ ऐसा जिसे देखकर लोगों को नहीं हुआ यकीन!

 

 

जैसे ही कुछ मुस्लिम लोगों  ने ट्रेन के प्लेटफार्म पर नमाज़ पढना शुरू किया और  में ट्रेन चलने लगती है, और यह लोग बिना नमाज़ पूरा किये ही ट्रेन में वापस चले जाते हैंसवाल यह है की जब नमाज़ पूरी ही न हो पाए तो ऐसे हर जगह पर उसको करने से क्या फायदा? क्या नमाज़ को आधा अधूरा छोड़ना एक अपराध नहीं है? और सबसे बड़ी बात तो यह है की जब वो ट्रैन की समय से परिचित थे तो भी उन्होंने नमाज़ स्टेशन पर ही क्यों शुरू की?

 

 

1
2
SHARE