महत्वपूर्ण! जाने शास्त्रों के अनुसार कब बनायें शारीरिक संबंध ताकि …

शास्त्रों में शारीरिक आकर्षण

लोगों में यह आम मत पाया गया है कि ‘धार्मिक होना’ और ‘गृहस्थी बढ़ाना’, दो अलग-अलग बातें हैं। एक व्यक्ति इन दोनों पहलुओं को अपने जीवन पर पूर्ण रूप से अमल नहीं कर सकता है। लेकिन ऐसा नहीं है

हमारे शास्त्र जीवन के दोनों पहलुओं को इंसान के लिए अहम मानते हैं। कामशास्त्र ग्रंथ एवं खजुराहो मंदिर इस बात के प्रतीक हैं कि भगवान के नाम के साथ-साथ व्यक्ति के लिए अपना परिवार एवं वंश आगे बढ़ाना भी जरूरी है।

शास्त्रों में शारीरिक आकर्षण एवं संभोग जैसी बातों का जिक्र आप पा सकते हैं। शारीरिक आकर्षण पति-पत्नी के बीच हो या अनजान स्त्री-पुरुष के बीच, हर तरह के संबंध के साक्षी रहे हैं हिन्दू शास्त्र।

शास्त्रों में शारीरिक आकर्षण एवं संभोग जैसी बातों का जिक्र आप पा सकते हैं। शारीरिक आकर्षण पति-पत्नी के बीच हो या अनजान स्त्री-पुरुष के बीच, हर तरह के संबंध के साक्षी रहे हैं हिन्दू शास्त्र।

लेकिन ऐसे संबंध किस समय बनाने मनुष्य के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं, आज इस विषय पर हम यहां चर्चा करेंगे। यह जानकारी आपने पहले कभी प्राप्त नहीं की होगी, लेकिन यह हर किसी के काम अवश्य आती है।

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